हमारे साथ मार्केटस्टर्स में एक बेहद खास मेहमान कार्यक्रम में हो रहे हैं

आज हमारे साथ मार्केटस्टर्स में एक बेहद खास मेहमान कार्यक्रम में हो रहे हैं — शामिल जो कि भारतीयों पर बहुत ही गहरी पकड़ और पैनी नजर रखते हैं। रेनांस इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के सीईओ और सीआईओ दोनों ही हैं पंकज मुरारका साहब। 28 साल से ज्यादा लंबा गहरा अनुभव है उनका भारतीय बादलों का। अ आप रैंक होल्डर चार्टर्ड अकाउंटेंट है। बड़े-बड़े संस्थानों के साथ काम करने का लंबा अनुभव है पंकज जी का। मोतीलाल ओसवाल रेयर एंटरप्राइज जो कि राकेश झुझुनवाला जी की कंपनी है। merलि जैसे दिग्गज फंड एक्सिस म्यूच्यूल फंड यूटीआई म्यूचल फंड यानी कि दिग्गज इन्वेस्टर्स से लेकर म्यूच्यूल फंड से लेके ब्रोकरेजेस सब जगह लंबा अनुभव लिया है उन्होंने कामकाज करने का और उन्होंने फंड्स भी लगभग-लगभग सारी कैटेगरी के मैनेज किए हैं। चाहे वो लार्ज कैप हो, मिड कैप हो, स्माल कैप हो यानी कि बाजार पर बड़ी गहरी पकड़ है। पंकज जी गुड मॉर्निंग। बहुत-बहुत स्वागत है आपका। सर। धन्यवाद हमें समय देने के लिए। काफ़ी लंबे समय बाद आपसे मुलाकात हो रही है। 2026 में हम प्रवेश कर रहे हैं। सिर्फ आपका मूड माहौल जरा मैं टेस्ट करना चाहता हूं। चेक करना चाहता हूं। इस वक्त आप मार्केट को लेकर बुलिश हैं, बेरिश है, न्यूट्रल है। क्या है मूड आपका? गुड मॉर्निंग अनिल जी। काफी लंबे समय बाद आपसे बात हो रही है। आई एम वेरी डिलाइटेड टू टॉक टू यू। थैंक यू सर। थैंक यू। अनिल जी मेरा ऐसा मानना है हम लोगों को ये समझना चाहिए इंडिया में तो हम हमेशा ही हम लोग सब हमेशा ही बुलिश ही रहते हैं। 10 से 11 साल हम सब बुलिश ही रहते हैं। हम कभी मंदी में आते नहीं है। बिकॉज़ इंडिया एक सेकुलर ग्रोथ इकॉनमी है। जी पर उसके बावजूद मेरा ये मानना है इन्वेस्टर्स को निवेशकों को और आपके दर्शकों को ये समझना चाहिए कि ये काफी मैच्यर्ड बुल मार्केट है। इस मार्च में मार्च 26 में इस बुल मार्केट को छ साल हो जाएंगे। तो मेरा यह स्टिल मानना है कि आने वाला साल 2026 का साल 2025 से बेटर होगा। यह साल अगर आप देखें तो प्रायता इंडेक्स जो है फ्लैट रहा है। कुछ रिटर्न्स बने नहीं है इन्वेस्टर्स के इंडेक्स लेवल पे। मुझे लगता है आने वाले साल में इंडेक्स निश्चित तौर पे पॉजिटिव रिटर्न देगा। मुझे लगता है कि 12 13% रिटर्न निफ्टी इंडेक्स में मतलब एक्सपेक्ट करना एक रीज़नेबल एक्सपेक्टेशन है। एंड हमें थोड़ी सी अपनी एक्सपेक्टेशन को मॉडरेट करना होगा। बिकॉज़ जैसे कि मैं कह रहा था ये काफी मैच्योर्ड बुल मार्केट है। इसको छ साल हो गए हैं। तो वैल्यूएशंस लास्ट छ साल में मतलब काफी एक्सपेंड हुए हैं और काफी रिच है। और सिग्निफिकेंट पार्ट ऑफ़ जो ग्रोथ होती है, अंडरलाइन ग्रोथ होती है वो भी आ चुकी है कंपनीज़ में। सो यहां से एक्स्ट्राऑर्डिनरी ग्रोथ करने वाली कंपनीज़ जो है वो मतलब इकोनमी वाइड नहीं काफी नैरो कंपनीज़ है। तो इसीलिए मुझे लगता है कि और बहुत सारे ऐसे पॉकेट्स है मिड स्माल कैप में जहां पे काफी मेरा ये भी मानना है कि स्टॉक प्राइसेस जो है काफी अंडरलाइन फंडामेंटल से काफी आगे चल रहे हैं। उनमें कहीं ना कहीं या तो टाइम करेक्शन या एक प्राइस करेक्शन होगा। इसलिए आप मुझसे पूछे तो 2026 के साल के लिए मेरा व्यू पॉजिटिव है। पर मुझे लगता है ये स्टॉक पिकर्स का मार्केट रहेगा। हर स्टॉक में पैसा नहीं बनेगा। राइट स्टॉक्स में अगर आप पोजीशन है तो वहां आपका पैसा बनेगा। पर आपके पास गलत स्टॉक है तो वहां पे लॉस भी हो सकता है। हम तो इन्वेस्टर्स विल हैव टू बी वेरी केयरफुल। जो एक हम कहते हैं ना लो हैंगिंग फ्रूट अब बचे नहीं है गुड मार्केट में। हम आसानी से पैसा नहीं बना। मेहनत बहुत करनी पड़ेगी। टाइमिंग और शेयर दोनों ही ज्यादा इंपॉर्टेंट हो जाएंगे। लेकिन जी जी सॉरी एक और चीज़ मैं बोलना चाह रहा हूं। साथ में एक डिसिप्लिन रखना होगा। हम अगर आपको एक्चुअल में यहां पैसा कमाना है तो डिसिप्लिन रखना बहुत जरूरी है। हम हम ठीक बात है। बिल्कुल परफेक्ट है। आमतौर पर लेकिन स्टॉक स्पेसिफिक अप्रोच रखें तब भी मार्केट का मूड माहौल ठीक हो तो पैसा जल्दी बन जाता है और मार्केट ही ढीला हो और अगर आपने अच्छा स्टॉक लिया भी हो तो इंतजार थोड़ा लंबा हो जाता है। तो ओवरऑल इंडेक्स के लिहाज से क्या रिटर्न एक्सपेक्ट करें? क्या डबल रिजिड रिटर्न बन सकते हैं? मुझे लगता है 12 13% रिटर्न एक निफ्टी इंडेक्स पर बन सकता है और उसका मूलत कारण यह है कि मुझे लगता है यह साल लास्ट 12 महीने में आप देखें तो जो टॉप 200 कंपनीज़ है इंडिया की उनके अर्निंग्स ग्रोथ मतलब ऑलमोस्ट फ्लैट जैसी है। 2% अर्निंग्स ग्रोथ है। कैलेंडर ईयर 25 में निफ्टी 200 अगर आप देखें तो उसमें अर्निंग ग्रोथ या प्रॉफिट ग्रोथ केवल 2% है। जो कि हमारा जो हमारी जो एनालिसिस और रिसर्च बताती है वो नेक्स्ट ईयर हम एक्सपेक्ट कर रहे हैं वो बढ़ के 11 11% हो जाएगी। तो नेक्स्ट ईयर हम 11% अर्निंग्स ग्रोथ एक्सपेक्ट कर रहे हैं निफ्ट्टी 200 कंपनीज़ में और उसके चलते मुझे लगता है वैल्यूएशंस जो मार्केट के हैं वो यहीं रहेंगे तो 111 टका रिटर्न निफ्टी इंडेक्स में नेक्स्ट ईयर पे आ सकते हैं। पर हमारा ऐसा भी मानना है कि जो डिस्पर्शन है मार्केट में और वाइड हो जाएगा। मतलब पार्टिसिपेटिंग स्टॉक्स और नॉन पार्ट नॉन पार्टिसिपेटिंग स्टॉक्स में गैप और बढ़ जाएगा। इसीलिए आपको राइट पोजीशनिंग होना बहुत जरूरी है 2026 में पैसे कमाने के लिए। बिल्कुल यह यह एक अच्छी बात आपने बताई कि 12 13% के रिटर्न निफ्टी में मिलने से काफी बेहतर हो सकता है। एक और चीज जो मैं पूछना चाहता हूं आमतौर पर इस साल सबकी कंप्लेंट्स यही रही कि चलो निफ्टी तो घूम फिर के लाइफ हाई पर आ गया लेकिन मिड कैप स्माल कैप शेयर का दुख दर्द अभी तक खत्म नहीं हुआ। अब इंडेक्स तो वो भी थोड़े ऊपर आ गए। लेकिन बाकी जो पोर्टफोलियो में स्टॉक्स हैं वो अभी भी काफी नीचे है। क्या आपको लगता है कि ब्रॉड बेस तेजी की उम्मीद मिड कैप स्माल कैप में अगले साल करना ठीक है या नहीं? नहीं अनफॉर्चूनेटली अनिल जी मतलब मुझे लगता है कि वो जो मिड कैप में जो लार्ज मिड कैप छोड़ दें उसके अलावा जो आप पोर्टफोलियो की बात कर रहे हैं जो छोटे मिड कैप या स्माल कैप कंपनीज़ है वहां मुझे लगता है कि मिस प्राइिंग बहुत ज्यादा है और इनफैक्ट मेरा ये मानना है कि वहां पे जिन कंपनियों में रिजल्ट्स सपोर्टिव नहीं आ रहे हैं वहां पे और पेन आ सकता है स्टॉक प्राइसेस का बिकॉज़ बहुत सारी मिड कैप स्माल कैप कंपनीज़ है आज भी जो है 30 40 50 के पीई पे चल रही लॉन्ग टर्म में मिड कैप स्माल कैप कंपनीज़ के इस तरह के प्राइस अर्निंग्स मल्टीपल सस्टेनेबल नहीं है। बिकॉज़ ये कंपनीज़ अक्सर देखा जाता है कि जब एक इकॉनमी का पॉजिटिव स ग्रोथ स होता है उसमें अर्निंग ग्रोथ दे देती है। पर जैसे ही इकॉनमी स्लो डाउन होता है जैसे कि फिलहाल हम देख रहे हैं इकॉनमी में एक थोड़ा सा स्लो डाउन आया है मल्टीपल कारणों की वजह से तो ये कंपनीज़ जो है इनकी अर्निंग ग्रोथ बहुत जोर से घट जाती है। तो मुझे लगता है कि मिड एंड स्माल कैप कंपनीज में वो काफी कंपनियों के लिए अर्निंग स्रोत की चैलेंज रहेगी आने वाले साल में और मुझे ब्रॉड बेस पूरे मार्केट में तेजी हो जाए मेरा ऐसा मानना नहीं है। तो इसीलिए मैं कह रहा हूं कि इन्वेस्टर्स को एक डिसिप्लिन और वेरी सिलेक्टिव रहना होगा इस बाजार में पैसे कमाने के लिए। हम बिल्कुल ठीक बात है। अब आप जब कह रहे हैं कि भारत सेक्टिव होना है तो क्या आपको पसंद है इस मार्केट में? आपके हिसाब से कहां पैसा बन सकता है? कहां निवेश करना चाहिए? एक आईटी सेक्टर पर मेरा रुझान हमारा व्यू काफी पॉजिटिव है। पिछले दो साल से सेक्टर चला नहीं है। यह साल में भी सेक्टर आप देखें लार्ज कैप कंपनी भी 1520 टका डाउन है और मिड कैप में भी काफी अच्छा करेक्शन आया है सेक्टर में। पर मुझे लगता है आने वाले साल में ग्लोबल टेलविंड चेंज होगी। ये जो एआई का बुल मार्केट चल रहा है ग्लोबली वो शिफ्ट होगा। अभी तक जो लास्ट दो साल से एआई ड्रिवन जो बुल मार्केट चल रहा था यूएस में और दूसरी कंट्रीज में जहां पे एआई कंपनीज़ है कोरिया, ताइवान, चाइना ये एआई इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनीज़ में चल रहा था। ग्लोबली एक मुझे मेरा ऐसा मानना है एक ट्रेंड शिफ्ट हो रहा है जहां पे अब एआई इंफ्रास्ट्रक्चर से एआई सॉफ्टवेयर की तरफ जा रहे हैं। एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में इंडिया में कोई भी कंपनीज़ नहीं पर एआई सॉफ्टवेयर में और सर्विज में इंडिया की सॉफ्टवेयर सर्विज कंपनीज़ एकदम प्रथम गिनती में आती है वर्ल्ड स्केल पे भी और जैसेजैसे ग्लोबल कंपनीज़ एआई को अडॉप करेंगी या इंप्लीमेंट करेंगी तो सॉफ्टवेयर सर्विज का काम बहुत जोर से कारोबार बहुत जोर से बढ़ेगा तो और तो मुझे लगता है एक तो ग्रोथ आउटलुक जो आईटी सेक्टर के लिए काफी सुधरेगी आने वाले साल में 2026 के साल में जैसे-जैसे एआई का इंप्लीमेंटेशन होगा और वैल्यूएशंस काफी कंफर्टिंग है सेक्टर में बिकॉज़ सेक्टर दो साल से चला नहीं है बल्कि डाउन है पिछले दो साल में 20 टका सो आई मुझे लगता है सेक्टर ऑफ द ईयर 2026 के लिए आईटी सेक्टर होना चाहिए और सेक्टर फिलहाल के लिए लो रिस्क भी है बिकॉज़ प्राइसेस काफी गिरे हुए हैं। हम इंटरेस्टिंग तो आईटी सेक्टर एक कॉन्ट्राबेट है और ये आपके लिए अलग इंटरेस्टिंग हो सकता है। लेकिन इसके अलावा आईटी तो आपके फर्स्ट फोरमोस्ट एक सेक्टर के तौर पर है ही और क्या पसंद है आपको? मेरा कंसमशन पर पॉजिटिव व्यू है। अगेन कंज्यूमर स्टक्स अगर आप देखें या सेक्टर देखें तो हम पिछले ढाई साल में इंडिया में कंसमशन स्लो डाउन रहा है। इस साल हम देखें तो गवर्नमेंट ने काफी पॉलिसी इनिशिएटिव लिए हैं कंसमशन रिवाइवल के लिए। पूरे साल में काफी बड़ा स्टिमुलस इनफ्यूज किया गया इकॉनमी। आप देख तो लास्ट ईयर फ में गवर्नमेंट ने 1 लाख करोड़ की टैक्स की राहत दी। उसके बाद जीएसटी कट किया। जो जीएसटी कट है उसकी वजह से कंज्यूमर्स को लगभग 1.5 लाख करोड़ का फायदा हुआ है। और उसके अलावा ड्यूरिंग द ईयर आरबीआई ने 100 बेसिस पॉइंट से रेट काटे हैं। जिसकी वजह से अनदर लगभग अगर आप जो जोड़े तो ₹1.5 लाख करोड़ की सेविंग्स हुई है कंज्यूमर्स के हाथ में। उनकी ईएमआई में चाहे वो होम लोन की ईएमआई हो, चाहे वो कार लोन हो, चाहे क्रेडिट कार्ड लोन हो, सब मिलाके 1.5 लाख करोड़ की ईएमआई में सेविंग्स हुई है आरबीआई के रेट कट करने से। सो इन सबका कुल नतीजा ये है कि कंज्यूमर्स के हाथ में और पैसा है जो कि उन्होंने हमने देखा है पोस्ट दिवाली पोस्ट जीएसटी कट एक जोर से एक डिमांड रिवाइवल आया था पर मुझे लगता है आने वाले साल में गवर्नमेंट और इनिशिएटिव्स लेगी एंड मुझे लगता है आने वाले बजट में भी कंज्यूमर्स के लिए काफी कुछ रहेगा बिकॉज़ गवर्नमेंट काफी माइंडफुल है इकोनमिक और कंसमशन रिवाइवल के लिए और अगेन वापस ये देख तो पिछले दो साल में कंज्यूमर स्टॉक्स के ने अंडर परफॉर्म किया मार्केट को और एज अ सेक्टर ये लो रिस्क सेक्टर है तो मुझे लगता है कि कंज्यूमर सेक्टर में ग्रोथ और डिमांड रिवाइवल आएगा आने वाले सालों में तो कंज्यूमर एक दूसरा सेक्टर है जहां पे मुझे रिस्क रिवॉर्ड काफी फेवरेबल लगता है। हम बिल्कुल तो ये है लेकिन एक और चीज है पंकज जी आखिर में इस साल हम सब इक्विटी इक्विटी देखते रह गए सोने चांदी ने इतनी कमाई करवा दी क्या लगता है सर ये मतलब कुछ जरूरत से ज्यादा हो गया रुकेंगे या अभी भी पैसा लगाने का मौका है इनमें देखिए मैं एक्सपर्ट नहीं हूं गोल्ड सिल्वर पे मैं मेरा एक्सपोज़र ज़ीरो है मैं ये सब में इन्वेस्ट भी नहीं करता पर फिर भी बीइंग अ फाइनेंसियल एनालिस्ट मैं इन सब पे एक व्यू रखता हूं। मुझे लगता है इन द शॉर्ट टर्म ये गोल्ड जो है काफी मतलब एक ज्यादा एक्सेस में है। तो फिलहाल मुझे नहीं लगता है कि ये पैसे लगाने का समय है। इनफैक्ट मेरा ये मानना है कि इट्स नॉट अ बैड आईडिया। अगर गोल्ड है तो थोड़ा यहां पे प्रॉफिट बुक किया जाए। अगर ये फाइनेंसियल इन्वेस्टमेंट है तो मुझे लगता है व्हाइल गोल्ड लॉन्ग टर्म स्ट्रक्चर अपटेंड में है। पर फिलहाल के लिए मुझे लगता है कि प्राइसेस आर अहेड ऑफ़ द फंडामेंटल्स। एंड इससे अच्छे एंट्री पॉइंट मिलेंगे आने वाले एक डेढ़ साल में गोल्ड में। मतलब आई विल नॉट बी सरप्राइज अगर गोल्ड प्राइस 15-20 टका करेक्ट हो जाए आने वाले 12-15 महीने में। बिल्कुल ठीक बात है। तो ये है आपके लिए राह गोल्ड सिल्वर में भी। पंकज जी बहुत-बहुत धन्यवाद आपका समय देने के लिए और आज हमसे बातचीत करने के लिए। उम्मीद करता हूं 2026 में आपसे मुलाकातों का सिलसिला थोड़ा और बढ़ेगा। ज्यादा इंट्रोड्यूस करने का मुझे मौका मिलेगा। ऐसी मैं उम्मीद रखता हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद और एक बार फिर से आपको नए साल की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। थैंक यू वेरी मच।

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